•𝟭 डिजिटल भारत 𝟮.𝟬 (𝟮𝟬𝟮𝟱) – भारत सरकार की एक उन्नत पहल है जिसका उद्देश्य देश को एक समावेशी सुरक्षित और नवाचार आधारित डिजिटल राष्ट्र में बदलना है | इस कार्यक्रम के तहत ग्रामीण योजना तक हाई स्पीड इंटरनेट पहुंचने के लिए राष्ट्रीय ब्रॉडबैंड मिशन 2.0 की शुरुआत की गई है जिससे 2.7 लाख गांव में फाइबर नेटवर्क बिछाया जाएगा | सरकार ने 𝗔𝗶 प्रशिक्षण के लिए 10 लाख से अधिक लोगों को मुक्त डिजिटल स्कलिंग देने का लक्ष्य रखा है साथ ही 𝗺𝘆 𝗕𝗵𝗮𝗿𝗮𝘁 𝟮.𝟬 जैसे प्लेटफार्म युवा को करियर डिजिटल प्रोफाइल और स्मार्ट 𝗖𝗩 टूल्स से जोड़ रहे हैं | 5G और उपग्रह आधारित इंटरनेट का विस्तार भी तेजी से हो रहा है
ई-गवर्नेंस डिजिटल भुगतान (𝗨𝗣𝗜) और 𝗢𝗡𝗗𝗖 जैसे मंच छोटे व्यापारियों को सशक्त बना रहे हैं डिजिटल Krwa उमंग जैसे सरकारी टूल्स नागरिक सेवाओ को पारदर्शी बना रहे हैं | साइबर सुरक्षा और डेटा संरक्षण – को ध्यान में रखते हुए हैं कानून और जागरूकता कार्यक्रम भी चलाया जा रहा है
डिजिटल भारत 2.0 भारत को 2047 तक एक विकसित डिजिटल महाशक्ति बनाने की दिशा में एक ठोस कदम है यह पहल न केवल तकनीकी बदलाव लाएगा बल्कि सामाजिक और आर्थिक विकास को भी बढ़ावा देगी |
•𝟮 मिशन शक्ति 𝟮.𝟬 – भारत सरकार द्वारा महिलाओं को सुरक्षा सशक्तिकरण और सशक्त भागीदारी के लिए 2021-26 के वित्त आयोग काल में संचालित एक मिशन आधारित कार्यक्रम है यह दो स्कीम में विभाजित है 𝟭 𝘀𝗮𝗺𝗯𝗮𝗹 ( सुरक्षा एवं संरक्षण) – 𝗼𝗻𝗲 𝗦𝘁𝗼𝗽 𝗖𝗲𝗻𝘁𝗿𝗲𝘀(𝗢𝗦𝗖) हिंसा का शिकार महिलाओं को एक ही छत के नीचे चिकित्सा कानूनी और मानो- सलाह जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती है दिसंबर 2025 तक 819 OSCs कार्ररत 10.98 लाख से अधिक महिलाओं को सहायता मिल चुकी है | 𝗪𝗼𝗺𝗲𝗻 𝗛𝗲𝗹𝗽𝗹𝗶𝗻𝗲(𝟭𝟴𝟭-𝗪𝗛𝗟) – 34 राज्यों केंद्र शासित प्रदेशों में 181 हेल्पलाइन एक सिलेबस इसे 112 आपात सेवा के साथ जोड़ा गया है | 𝗕𝗲𝘁𝗶 𝗕𝗮𝗰𝗵𝗮𝗼 𝗕𝗲𝘁𝗶 𝗽𝗮𝗱𝗵𝗮𝗼 (𝗕𝗕𝗕𝗣) एवं 𝗡𝗮𝗿𝗶 𝗔𝗱𝗮𝗹𝗮𝘁 जैसे पहले शामिल की गई है जहाँ स्थानीय महिलाओं समूह त्वरिक समाधान प्रदान करते हैं
2. 𝗦𝗮𝗺𝗮𝗿𝘁𝗵𝘆𝗮( सशक्तिकरण ) – Shakti sadhan swadhar Grah और Ujjwala जैसी योजनाओं का समावेश जिससे बेकार महिलाओं को पुनर्निवास सुनिश्चित हो रहा है Shakti Nivas (पूर्व में working women hostels ) अभी भी विस्ताराधीन -50 नए हॉस्टल्स किराया पर चलने के प्रयास में है कुछ राज पहले से प्रभाव – उत्तर प्रदेश मैं मिशन शक्ति पर आधारित महिलाओं केंद्रित पुलिस तंत्र हेल्प सेक्टर महिलाओं की सशक्त और जांच प्रणाली लागू की गई है जिससे राष्ट्रीय मंच पर मंडल के रूप में प्रस्तुत किया गया है आंध्र प्रदेश मे शक्ति अप 1. 52 करोड़ डाउनलोड पर कर चुकी है SOS अलर्ट के जरिए 3193 FIR दर्ज की गई है
mission Shakti 2.0 महिलाओं की सुरक्षा न्याय और सशक्त विकास सुनिश्चित करने की दिशा में एक समग्र मिशन है जो सेवा वितरण कानूनी सहयोग आपात सुविधा और सशक्तिकरण के माध्यम से उन्हें समाज की मुख्य धारा में संघग्लन करता है |
•𝟯 प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण (𝗣𝗠𝗔𝗬-𝗚) और शहरी (𝗣𝗠𝗔𝗧-𝗨) – पहले बात करते हैं (प्रधानमंत्री ग्रामीण योजना) के बारे में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण (PMAY -G) को अप्रैल 2016 में शुरू किया गया था और इसे मार्च 2029 तक विस्तारित किया गया है | FY 2024-25 से FY 2028-29 तक 2 करोड़ अतिरिक्त ग्रामीण मकान का निर्माण लक्ष्य रखा गया है जिसके लिए ₹3,06,137 करोड़ का बजट जारी है 472-0 लाभार्थियों को मैदानी क्षेत्र में प्रति घर ₹1.20 लाख पहाड़ी तथा नक्सल प्रवृत्ति क्षेत्र में ₹1.30 लाख की आर्थिक सहायता मिली है बात और स्वच्छ भारत मिशन द्वारा ₹12,000 शौचालय निर्माण हेतु दिया जाता है Awaas+2024 अप के माध्यम से self-survey की सुविधा भी शुरू की गई है तथा सभी लाभार्थियों को Aadhar-Link और geo- tagged प्रिक्रिया के साथ डिजिटल ट्रैक किया जाता है 𝗣𝗠𝗔𝗬- 𝗨𝗿𝗯𝗮𝗻( शहरी ) 𝟮.𝟬 – एक योजना के अंतर्गत शहरी गरीब एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को फायदा उपलब्ध कराया जाता है इसमें है इसमें शामिल है beneficiary – led constriction affordable rental housing affordable housing in partnership और interest subsidy schemes 1278 उदाहरणत: उड़ीसा में 43 शहरी स्थानीय संस्थाओं के माध्यम से 3950 इकाइयों का निर्माण ₹256 करोड़ की लागत से स्वीकृत हुआ है जिसमें प्रति यूनिट 1.5 लाख का योगदान शामिल है | 1467-0 सरकार ने FY 2025-26 में Runal+Urban PMAY के लिए लगभग ₹78,126 करोड़ का बजट आवंटित किया जो पिछले वर्ष की तुलना में 64% अधिक है
•𝟰 प्रधानमंत्री धन – धान्य कृषि योजना – सरकार इस नए कृषि योजना को वित्त वर्ष 2025-26 से शुरू किया है जो अगले 6 वर्षों तक लागू होगी और देश के 100 कम कृषि उत्पादकता वाले जिलों को कवर करेगी योजना का उद्देश्य कृषि उत्पादकता बढ़ाना फसल विविधता सतत कृषि सिंचाई उपायो में सुधार कटाई बाद भंडारा क्षमता वृद्धि और छोटे एवं सीमांत किसानों तक सरल योजना है | केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस पर ₹24,000 करोड़ की वार्षिक बजट अवगत की है जिससे लगभग 1.7 करोड़ किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है यह योजना यह योजना 11 मंत्रालयों की 36 पहले से चल रही योजना का आयोजन कर राज्य सरकारों एवं निजी भागीदारी के साथ मिलकर कार्यविंत की जाएगी प्रत्येक जिले में धन-धान्य समिति बनाई जाएगी जिसमें प्रगतिशील किसान सदस्य होंगे यह जिला स्तरीय कृषि योजनाओं बनाएगी जो स्थान में आवश्यकताओं के अनुसार आकार लेगी योजना के प्रगति को डिजिटल – बोर्ड के माध्यम से 117 प्रमुख KPI पर मासिक निगरानी के तहत रखा जाएगा साथ ही नीति आयोग और केंद्रीय नोडल अधिकारी समय-समय पर समीक्षा करेंगे
यह योजना कृषि समावेश और ग्रामीण राजीविका सर्जन का एक निर्णायक चरण है छोटे युवा महिलाएं और भूमिहीन किसानों को मुख्य धारा में शामिल करना इसका लक्ष्य है सतत उत्पादन बेहतर बाजार पहुंचे और आधुनिक तकनीक के समय से किस की आय एवं आत्मनिर्भरता में वृद्धि संभव
