• चलिए विस्तार से समझते हैं कि upi बंद को लेकर जो अपवाह फैल रही है उसका सच क्या है और लोग इसे क्यों मान रहे हैं जबकि असलियत कुछ और है, चलो जानते ही सच्चाई को पूरे विस्तार से ||
𝗨𝗣𝗜 बंद – ये अपवाह कैसे फैली?
1, व्यापारियों का upi रिजेक्ट करना हाल ही में( कर्नाटक बेंगलुरु और हुब्बली) जैसे शहरों में छोटे दुकानदारों सब्जी वालों और लोकल वेंडरो ने अपने दुकानों पर बोर्ड लगा दिए Upi नहीं सिर्फ नगद (cash )चलेंगे जिसके पास नगद कैश हो वही मेरी दुकान पर आए और लोग ऐसा क्यों कर रहे हैं उसके बारे में जानते हैं
•2 GST ( वस्तु एवं सेवा कर ) विवाह की कार्यवाही – GST अधिकारियों ने छोटे व्यापारियों को UPi लेनदेन की जानकारी के आधार पर टैक्स नोटिस भेजने शुरू कर दिया है अब व्यापारियों को डर लगा कि अगर Sabu upi इस्तेमाल करेंगे तो उनकी कमाई ट्रैक की जाएगी और उन्हें अधिक टैक्स भरना पड़ेगा, नतीजा – डर के चलते कई छोटे दुकानदारों ने upi लेना बंद कर दिया इससे आम जनता को ब्रह्म हुआ कि क्या सरकार upi बंद कर रही है?
•3 हकीकत क्या है? – upi बंद नहीं हुआ है और ना ही बंद होगा, सरकार upi को बढ़ावा दे रही है ना कि बंद कर रही है भारत सरकार ने पिछले कुछ सालों में upi को पूरी दुनिया में एक मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया है | NPCI (National payment corporation of India ) इसे लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ले जाया जा रहा है (जैसे :UAE, सिंगापुर,नेपाल, भूटान,आदि )
•4 बैंकों और एप्स का मेंटेनेंस – कभी-कभी upi सेवाएं रात के समय थोड़े समय के लिए बंद होती है (जैसे SBI या HDFC द्वारा मेंटेनेंस के समय ) यह सिर्फ 1-2 घंटे का टेक्निकल रखरखाव होता है ना की कोई स्थाई बंदी
•5 upi बंद की कोई सरकारी घोषणा नहीं हुई है- अगर ऐसी कोई बात होती तो इसे सरकार या NPIC की वेबसाइट से घोषित किया जाता है पर ऐसा कुछ नहीं है तो यह अफवाह बिल्कुल ही फेक है इस पर विश्वास ना करें

