भारत और यूनाइटेड किंगडम(UK) के बीच 24 जुलाई 2025 को एक ऐतिहासिक व्यापार आर्थिक और व्यापार समझौता( comprehensive economic and trade agreement – CETA) साइन किया गया इस समझौते को अक्सर India – UK free trade agreement(FTA) के नाम से जाना जा रहा है यह समझौता पिछले कई वर्षों से चल रही बातचीत का परिणाम है और अब इन दोनों देशों के बीच ब्रेग्जिट का सबसे बड़ा व्यापारिक कदम माना जा रहा है ||
समझौते की पृष्ठभूमि – 2016 में यूके ने यूरोपीय संघ (EU) से बाहर निकलने का निर्णय लिया (Brexit ) तब से वह स्वतंत्र रूप से नए व्यापारियों साझेदारी की तलाश में था भारत जैसे तेजी से उबरते बाजार के साथ FTA करना यूके के लिए एक प्राथमिकता बन गया वहीं भारत के लिए भी यह एक अवसर था अपने निर्यात को नई ऊंचाई देने का 2021 में भारत और यूके ने enhanced trade partnership की शुरुआत की और इसके बाद 13 राउंड में बातचीत के बाद जुलाई 2025 में यह समझौता फाइनल किया गया ||
समझौते की मुख्य बातें क्या-क्या हुई थी दोनों देशों के बीच में •1 निर्यात को मिलेगा बढ़ावा – भारत से यूके को होने वाले 90% निर्यात अब शुन्य या बहुत कम टैक्स पर होंगे इससे कपड़ा रखने आभूषण समुद्री उत्पाद फार्मास्यूटिकल्स लेदर खिलौने जैसे कई (MSME) सेक्टर को सीधा लाभ मिलेगा |
•2 (UK) यूके को भारत में प्रवेश के नए रास्ते – यूके से हयात होने वाले स्कॉच व्हिस्की अन्य शराब ऑटोमोबाइल्स पर धीरे-धीरे टैक्स में कटौती की जाएगी यूके की कंपनियों को भारत के सरकारी खरीद बाजार( public procurement ) मैं भाग लेने की अनुमति भी दी जाएगी |
•3 सेवाओं और प्रोफेशनल्स के लिए अवसर – भारती आईटी कॉलोनी वित्तीय सेवाएं अब्योग के में बेहतर स्थिति में पहुंचेगी भारतीय सब योग प्रशिक्षक संगीतकार इंजीनियर आदि को यूके में वीजा और कार्य के बेहतर अवसर मिलेगा ( social security agreement) के तहत भारतीय कर्मचारियों को 3 साल तक यूके में नेशनल इंश्योरेंस पर छूट मिलेगी |
किस होगा सबसे ज्यादा फायदा? gujarat.maharashtra.punjab जैसे राज्यों के कपड़ा,ज्वेलरी, सिरेमिक,आईटी उद्योगों को सबसे अधिक लाभ मिलेगा (MSME ) सेक्टर को नई ऊर्जा और वैश्विक बाजारों तक सीधी पहुंच नौकरी और निवेश के नए अवसर खासकर युवा वर्ग के लिए |
यूके के लिए – स्कॉच व्हिस्की जैसे शराबों की खपत भारत में तेजी से बड़ी है इससे यूके की अर्थव्यवस्था को काफी बड़ा फायदा मिला है सेवा क्षेत्र में भारतीय प्रतिभा तक सीधी पहुंच मिलेगी
किन सेक्टर्स को सुरक्षा मिली? – भारत ने कुछ संवेदनशील क्षेत्र जैसे कृषि, डेरी, तेल,बीज, सब्जियां, अनाज आदि को इस समझौते से बाहर रखा है साथ ही योगेश से आने वाली कारों के लिए कोटा आधारित व्यवस्था लागू की गई है ताकि घरेलू वाहन उद्योग को नुकसान ना हो |
आगे क्या? – अब यह समझो तो दोनों देशों की सांसदों द्वारा अनुमोदित (ratify ) किया जाएगा इसके बाद इसे लागू किया जाएगा उम्मीद है कि यह प्रक्रिया 2026 की शुरुआत तक पूरी हो जाएगी |
भारत – यूके FTA 2025 एक मील का पत्थर है जो दोनों देशों के बीच न केवल व्यापार बढ़ाएगा बल्कि संस्कृति शैक्षिक और तकनीकी सहायक को भी मजबूती देगा इससे भारत की मेक इन इंडिया वोकल फॉर लोकल जैसी पहेलियां को भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में बल मिलेगा यह समझौता न सिर्फ व्यापार के लिए लाभकारी है बल्कि आर्थिक आत्मनिर्भरता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भारत की स्थिति को और भी मजबूत करेगा ||
डिस्क्लेमर: इस वेबसाइट/पोस्ट में दी गई भारत-यूके व्यापार समझौते से संबंधित जानकारी केवल सामान्य जानकारी और जागरूकता के उद्देश्य से साझा की गई है। यह किसी भी प्रकार की आधिकारिक या कानूनी सलाह नहीं है। जानकारी विभिन्न समाचार स्रोतों, सरकारी वेबसाइटों और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित हो सकती है, जिसकी पूर्ण सटीकता या अद्यतन होने की गारंटी नहीं दी जाती। किसी भी निर्णय से पहले आधिकारिक सरकारी दस्तावेज़ या विश्वसनीय स्रोतों की जांच अवश्य करें।

