भारत में 𝗢𝗧𝗧 प्लेटफॉर्म की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है लेकिन इसके साथ ही कुछ ऐसे एप्स और वेबसाइट भी सामने आई है जो अश्लील और अनैतिक कंटेंट को बढ़ावा दे रहे थे इसी को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने जुलाई 25 में एक कड़ा कदम उठाया और 𝟮𝟱 𝗢𝗧𝗧 प्लेटफॉर्म को ब्लॉक करने का आदेश दिया इस कार्यवाही में (𝗨𝗹𝗹𝘂), 𝗔𝗟𝗧𝗧(पहले 𝗔𝗟𝗧𝗧 𝗕𝗮𝗹𝗮𝗷𝗶), 𝗗𝗲𝘀𝗶𝗳𝗹𝗶𝘅, 𝗺𝗼𝗷𝗳𝗹𝗶𝘅 जैसे लोकप्रिय लेकिन विवादास्पद प्लेटफार्म शामिल है ||
- आखिर कारण क्या था? – इन 𝗢𝗧𝗧 प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कंटेंट में बहुत सारी चीजे भारत के सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (𝗶𝗧 𝗔𝗰𝘁,) 2000 भारतीय दंड संहिता (𝗜𝗣𝗖) और महिलाओं के अभद्र चित्रण (निषेध ) अधिनियम, 1986 का उल्लंघन करती पाई गई | इनमें से कई प्लेटफार्म पर
- बिना आयु सत्यापन के वयस्क सामग्री दिखाई जा रही थी |
- कंटेंट में कोई सामाजिक संदेश या कलात्मक पहलू नहीं था |
- अश्लील कामुक और महिलाओं का अपमानजनक चित्रण था | सरकार को इन प्लेटफार्म के खिलाफ लगातार शिकायतें मिल रही थी जिनमें बच्चों तक अश्लील कंटेंट पहुंचने की भी बात कही जा रही थी
- स्क्रीन एप्स और वेबसाइट पर लगी पाबंदी –
- 𝟭,𝗨𝗹𝗹𝘂
- 𝟮,𝗔𝗟𝗧𝗧
- 𝟯,𝗕𝗶𝗴 𝗦𝗵𝗼𝘁𝘀
- 𝟰,𝗗𝗲𝘀𝗶𝗳𝗹𝗶𝘅
- 𝟱,𝗕𝗼𝗼𝗺𝗲𝘅
- 𝟲,𝗴𝘂𝗹𝗮𝗯 𝗔𝗽𝗽
- 𝟳,𝗸𝗮𝗻𝗴𝗮𝗻 𝗔𝗽𝗽
- 𝟴,𝗠𝗼𝗼𝗱 𝗫
- 𝟵,𝗧𝗿𝗶𝗳𝗹𝗶𝗰𝗸
- 𝟭𝟬,𝗠𝗼𝗷𝗳𝗹𝗶𝘅
- 𝟭𝟭,𝗟𝗼𝗼𝗸 𝗘𝗻𝘁𝗲𝗿𝘁𝗮𝗶𝗻𝗺𝗲𝗻𝘁
- 𝟭𝟮,𝗦𝗵𝗼𝘄 𝗫
- 𝟭𝟯,𝗙𝗲𝗻𝗲𝗼
- 𝟭𝟰,𝗙𝘂𝗴𝗶
- 𝟭𝟱,𝘄𝗼𝘄 𝗲𝗻𝘁𝗲𝗿𝘁𝗮𝗶𝗻𝗺𝗲𝗻𝘁
- 𝟭𝟲,𝗕𝘂𝗹𝗹 𝗔𝗽𝗽
- 𝟭𝟳,𝗝𝗮𝗹𝘃𝗮 𝗔𝗽𝗽
- 𝟭𝟴,𝗔𝗱𝗱𝗮 𝗧𝗩
- 𝟭𝟵,𝗡𝗲𝗼𝗻𝗫 𝗩𝗜𝗣
- 𝟮𝟬,𝗡𝗮𝘃𝗮𝗿𝗮𝘀𝗮 𝗟𝗶𝘁𝗲
- 𝟮𝟭,𝗛𝗼𝘁𝗫 𝗩𝗜𝗣
- 𝟮𝟮,𝗛𝘂𝗹𝗰𝗵𝘂𝗹 𝗔𝗽𝗽
- 𝟮𝟯,𝗛𝗶𝘁𝗽𝗿𝗶𝗺𝗲
- 𝟮𝟰,𝗦𝗵𝗼𝘄𝗵𝗶𝘁
- 𝟮𝟱,𝗦𝗼𝗹 𝗧𝗮𝗹𝗸𝗶𝗲𝘀
- इन सभी को 23 से 25 जुलाई 2025 के बीच ब्लॉक कर दिया गया |
- सरकार की कार्यवाही कैसे हुई?
- इस प्रबंधक की सिफर इस सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ( 𝗺𝗶𝗻𝗶𝘀𝘁𝗿𝘆 𝗼𝗳 𝗜𝗻𝗳𝗼𝗿𝗺𝗮𝘁𝗶𝗼𝗻 𝗮𝗻𝗱 𝗕𝗿𝗼𝗮𝗱𝗰𝗮𝘀𝘁𝗶𝗻𝗴) द्वारा की गई | सरकार ने इन प्लेटफार्म को पहले चेतावनियां भी दी थी और कानून का पालन करने की अपील की थी लेकिन जब कंटेंट में सुधार नहीं हुआ तब कार्यवाही अनिवार्य हो गई |
- इसके बाद सरकार ने इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स (𝗜𝗦𝗣𝘀) और 𝗚𝗼𝗼𝗴𝗹𝗲 𝗽𝗹𝗮𝘆 𝗦𝘁𝗼𝗿𝗲 व 𝗔𝗽𝗽𝗹𝗲 𝗔𝗽𝗽 𝗦𝘁𝗼𝗿𝗲 कौन निर्देश दिया कि इन एप्स को हटा दिया जाए और वेबसाइट को भारत में एक्सेस से ब्लॉक कर दिया जाए |
- डिजिटल नैतिकता की आवश्यकता – 𝗢𝗧𝗧 प्लेटफार्म का उद्देश्य था रचनात्मक को मंच देना लेकिन जब यह स्वतंत्र अश्लीलता और व्यावसायिक लाभ के लिए इस्तेमाल होने लगे तो इसका समाज पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता था बच्चो और किशोर को इस तरह का कंटेंट देखने से मानसिक और नैतिक हानि हो सकती है | इसलिए सरकार का यह कदम एक डिजिटल रूप से सुरक्षित भारत की और एक मजबूत संदेश है |
- क्या यह सेंसरशिप है? – कई लोग इस कदम को सेंसरशिप (𝗖𝗲𝗻𝘀𝗼𝗿𝗲𝘀𝗵𝗶𝗽) भी कह सकते हैं लेकिन भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह कार्यवाही केवल उन्हीं प्लेटफार्म पर की गई है जो कानून का उल्लंघन कर रहे थे और सामाजिक मर्यादा को तोड़ रहे थे अगर कोई प्लेटफार्म वैधानिक गाइडलाइंस का पालन करता है तो उसके खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की जाएगी ||
- भविष्य में क्या होगा?- सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि आगे जो भी प्लेटफॉर्म भारत के आईटी नियम 2021 महिलाओं की गरिमा और ऑनलाइन सुरक्षा का उल्लंघन करेगा उन पर कार्यवाही की जाएगी | कंपनियों को स्व नियमन (𝗦𝗲𝗹𝗳 – 𝗥𝗲𝗴𝘂𝗹𝗮𝘁𝗶𝗼𝗻) पर काम करना होगा और उन्हें कंटेंट के लिए उम्र सीमा अभिभावक नियंत्रण और क्लासिफिकेशन सिस्टम अपनाना होगा
- कुल मिलाकर इसका निष्कर्ष क्या है – भारत सरकार का यह निर्णय न केवल डिजिटल नैतिकता की रक्षा करता है बल्कि यह स्पष्ट संदेश देता है की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का दुरुपयोग किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं होगा 𝗢𝗧𝗧 कंपनियों को अब जिम्मेदारी से काम करना होगा ताकि वह रचनात्मक और सामाजिक जिम्मेदारी के बीच संतुलन बना सके ||

