2015 में इंदौर था देश के सबसे साफ शहरों में 149 वे नंबर पर लेकिन आज कही सालो से लगातार नंबर 1 पर है आखिर इंदौर शहर ने ऐसा क्या किया ? जो भारत का सबसे स्वच्छ शहर बन गया आखिरकार ऐसा और बड़े-बड़े शहर क्यों नहीं कर पाए चलो जानते हैं ||


इंदौर शहर में बना है दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा बायो 𝗖𝗡𝗚 प्लांट 15 एकड़ में फैला यह प्लांट 150 करोड़ की लागत से बना और हर दिन 550 टन कचरे को रिसाइकल करके 19 टन सीएनजी प्रोड्यूस करता है जिससे शहर की 400 से अधिक बस चलती है , बाकी शहरों से अलग इंदौर शहर में घर-घर जाकर कर्मचारी कचरा उठते हैं, गिला और सूखे कचरे को अलग करते हैं और फिर इसे एनर्जी प्लांट में भेजा जाता है

इंदौर शहर एक ऐसा शहर है जहां पर 24 घंटे सफाई रुकती नहीं है , जब लोग सो रहे होते हैं उस 𝗧𝗶𝗺𝗲 पर भी इस शहर में सफाई चालू रहती है ,
• नागरिकों की सक्रिय भागीदारी : लोग खुद स्वच्छता के ब्रांड एंबेसडर बन गए हैं • स्कूल, कॉलेज, संस्थाएं, व्यापारी – सभी ने इस मिशन को अपनाया है • बिना थूके बिना कचरा फेक जैसी जागरूकता मुहिम सफल हुई है – यहां का हर एक इंसान बस सफाई चाहता है सफाई से यहां के लोगों को बहुत प्यार है इसीलिए तो इंदौर सबसे स्वच्छ शहर है ||
• टेक्नोलॉजी का उपयोग• कचरा गाड़ियों में 𝗚𝗣𝗦 ट्रैकिंग और मोबाइल ऐप से निगरानी स्मार्ट सिटी कंट्रोल रूम से रियल टाइम का मॉनिटरिंग किया जाता है और हर एक गलती पर तुरंत एक्शन लिया जाता है |

• इस शहर को सबसे स्वच्छ शहर बनाने वाले हैं , यहां की जनता नगर निगम और सफाई मित्र क्योंकि साफ सफाई सिर्फ सरकार की जिम्मेदारी नहीं बल्कि आम आदमी की भी जिम्मेदारी है अगर आप भी चाहते हैं कि आपका शहर भी इंदौर जैसा बने तो आपको इंदौर की जनता जैसे बनना पड़ेगा और इस आर्टिकल को शेयर करना होगा ताकि लोगों में जागरूकता फैले |
रंग पंचमी के बाद जब पूरा शहर रंगों से भरा हुआ था इंदौर में महेश 25 मिनट के अंदर अपने पूरे शहर को वापस से पूरा चमका दिया था जब पूरा शहर सोता है तब भी यहां सफाई नहीं रुकती ,

